जिलाधिकारी ने कहा एसडीएम को इस भूस्खलन के बारे में बता दिया गया है, जल्दी ही वहां पर ट्रीटमेंट कार्य कराया जाएगा
टिहरी गढ़वाल: पहाड़ों में लगातार हो रही बारिश के बीच भूस्खलन की घटनाएं बढ़ने लगी हैं. नई टिहरी के बौराड़ी सेक्टर-8 डी में बुधवार सुबह एक मकान के समीप अचानक बड़ा भूस्खलन होने से आसपास के कई मकान खतरे की जद में आ गए. भूस्खलन की घटना के बाद क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया.
टिहरी के बौराड़ी सेक्टर-8 डी में भूस्खलन: घटना की सूचना मिलने के बाद राजस्व निरीक्षक मौके पर पहुंचे और प्रभावित क्षेत्र का जायजा लिया. स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते भूस्खलन प्रभावित स्थान पर सुरक्षा के ठोस इंतजाम नहीं किए गए, तो ऊपर स्थित मकानों के लिए भी खतरा बढ़ सकता है.
मकान मालिक ने तत्काल कार्रवाई की मांग की: मकान मालिक तोता राम भट्ट ने प्रशासन से मांग की है कि-
भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र में जल्द से जल्द सुरक्षा और निर्माण कार्य कराया जाए. समय रहते सुरक्षा व्यवस्था नहीं की गई तो ऊपर बने मकानों को भी नुकसान पहुंचने की आशंका है, जिससे बड़ा नुकसान हो सकता है. हमने प्रशासन से संभावित जनहानि को रोकने के लिए तत्काल कार्रवाई की मांग की है.
-तोता राम भट्ट, मकान मालिक-
लोग बड़े हादसे की आशंका से डरे: वहीं, लगातार बारिश को देखते हुए क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से संवेदनशील स्थानों की निगरानी बढ़ाने और भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यक सुरक्षा कार्य तत्काल शुरू करने की मांग की है. पीड़ितों का कहना है कि टिहरी जिले का आपदा प्रबंधन विभाग केवल एस्टीमेट बनाने तक सीमित न रहे, बल्कि आपदा प्रभावित लोगों की तत्काल मदद करे, ताकि उन्हें समय रहते राहत मिल सके और किसी बड़ी घटना को टाला जा सके.
जिलाधिकारी ने क्या कहा: टिहरी जिलाधिकारी नितिका खंडेलवाल ने कहा कि-
उप जिला अधिकारी को इस भूस्खलन के बारे में बता दिया गया है. जल्दी ही इसके ट्रीटमेंट के कार्य के लिए कार्रवाई की जाएगी. फिलहाल सुरक्षा के लिए लोगों को उनके घरों से सुरक्षित जगह पर जाने को कह दिया है. जल्दी ही इसे ठीक किया जाएगा.
-नितिका खंडेलवाल, जिलाधिकारी, टिहरी गढ़वाल-
प्रत्यक्षदर्शियों ने ये बताया: प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार भूस्खलन इतना तेज था कि घर के नीचे बना पुश्ता भरभराकर ढह गया. देखते ही देखते बड़ी मात्रा में मलबा नीचे आ गया. पुश्ता गिरने से वहां खड़ी एक स्कूटी मलबे में पूरी तरह दब गई. गनीमत रही कि हादसे के वक्त कोई व्यक्ति इसकी चपेट में नहीं आया.
भूस्खलन से कई मकान खतरे की जद में: दरअसल पिछले कई दिनों से लगातार हो रही बारिश के कारण क्षेत्र की जमीन लगातार कमजोर हो रही है. भूस्खलन के बाद आसपास के कई मकानों पर भी खतरा मंडराने लगा है. जमीन धंसने और पुश्ते के टूटने से स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल है.
सभासद ने की ये मांग: भूस्खलन के बाद स्थानीय जनप्रतिनिधि भी मौके पर पहुंचीं और स्थिति का जायजा लिया. सभासद उर्मिला राणा ने भी प्रशासन से प्रभावित क्षेत्र में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की मांग की है. फिलहाल बारिश के बीच क्षेत्र में लोगों की चिंता बढ़ गई है. सभी की नजर प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हुई है.
