देहरादून। उत्तरांचल प्रेस क्लब द्वारा आज उत्तराखंड के लोकप्रिय टौंस एवं यमुना घाटी के ऐतिहासिक एवं पारंपरिक लोक पर्व का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में यमुना घाटी की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, लोक परंपराओं, वेशभूषा, रीति-रिवाजों और लोकगीतों की विशेष प्रस्तुति दी गई। इससे जनसमूह को क्षेत्र की गौरवशाली परंपरा से रूबरू होने का अवसर मिला।
हिमालयी अंचल की सुदूरवर्ती टौंस एवं यमुना घाटी की समृद्ध लोक परंपराओं को सहेजते हुए बुधवार को उत्तरांचल प्रेस क्लब देहरादून के तत्वावधान में ऐतिहासिक एवं पारंपरिक लोक पर्व ‘मरोज’ का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि विकासनगर विधायक मुन्ना सिंह चौहान सहित अन्य विशिष्ट अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ।
कार्यक्रम का संचालन प्रेस क्लब के महामंत्री योगेश सेमवाल एवं लोक कलाकार व लोक विधाओं के पुरोधा नंदलाल भारती ने संयुक्त रूप से किया।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां
संस्कृति विभाग के सांस्कृतिक दल द्वारा एक से बढ़कर एक रंगारंग प्रस्तुतियां दी गईं, जिनमें टौंस और यमुना घाटी की पारंपरिक झलक स्पष्ट रूप से दिखाई दी। लोक नृत्य और लोक गीतों ने उपस्थित जनसमूह को मंत्रमुग्ध कर दिया और पूरे सभागार में पर्व जैसा उत्साह व्याप्त रहा।
लोक पर्व ‘मरोज’ के महत्व पर विचार
मुख्य अतिथि विधायक मुन्ना सिंह चौहान सहित अन्य अतिथियों ने अपने संबोधन में माघ मरोज पर्व की ऐतिहासिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ऐसे आयोजन हमारी लोक परंपराओं को जीवंत रखने का सशक्त माध्यम हैं। उन्होंने कहा कि हिमालयी अंचल की संस्कृति हमारी पहचान है, जिसे संरक्षित और संवर्धित करना हम सभी का दायित्व है।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मुन्ना सिंह चौहान, विधायक विकासनगर ने कहा कि आज उत्तरांचल प्रेस क्लब द्वारा टौंस एवं यमुना घाटी के ऐतिहासिक और पारंपरिक लोक पर्व का आयोजन वास्तव में सराहनीय और प्रेरणादायक पहल है। उन्होंने कहा कि यह गरिमामय आयोजन हमारी सांस्कृतिक जड़ों को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास है।
उन्होंने कहा कि टौंस और यमुना घाटी केवल भौगोलिक क्षेत्र नहीं हैं, बल्कि वे हमारी पहचान, हमारी आस्था और हमारी सांस्कृतिक चेतना के प्रतीक हैं। यहां की लोक परंपराएं, वेशभूषा, रीति-रिवाज, मेले और त्योहार हमारी विरासत की अमूल्य धरोहर हैं और इन्हें संजोकर रखना हम सबका दायित्व है।
उन्होंने कहा कि आज जब आधुनिकता और पाश्चात्य प्रभाव के कारण युवा पीढ़ी अपनी जड़ों से दूर होती जा रही है, ऐसे में इस प्रकार के सांस्कृतिक आयोजन उन्हें अपनी मिट्टी, अपनी बोली और अपनी परंपराओं से जोड़ने का सशक्त माध्यम बनते हैं। हमारी लोकसंस्कृति में निहित सादगी, सामूहिकता और प्रकृति के प्रति सम्मान की भावना हमें विशिष्ट पहचान प्रदान करती है।
उन्होंने कहा कि पत्रकारिता केवल समाचार देने का माध्यम नहीं, बल्कि समाज को दिशा देने की शक्ति भी है। उत्तरांचल प्रेस क्लब ने सांस्कृतिक आयोजनों के माध्यम से यह सिद्ध किया है कि मीडिया समाज की सकारात्मक ऊर्जा को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
अति विशिष्ट अतिथि विधायक राजपुर खजान दास ने अपने संबोधन में कहा कि ‘मरोज’ जैसे लोक पर्व हमारी सांस्कृतिक एकता और सामाजिक समरसता के प्रतीक हैं। उत्तराखंड विशेषकर जौनसार-बावर, टौंस और यमुना घाटी क्षेत्र में यह पर्व परंपरागत रूप से आपसी मेल-मिलाप और भाईचारे के साथ मनाया जाता है।
उन्होंने कहा कि गांवों में लोग घर-घर जाकर एक-दूसरे को बधाई देते हैं, जिससे सामाजिक संबंध और अधिक मजबूत होते हैं। यह पर्व केवल उत्सव नहीं, बल्कि हमारी समृद्ध लोक संस्कृति, परंपराओं और सामूहिक जीवन मूल्यों को जीवित रखने का माध्यम है।
उन्होंने उत्तरांचल प्रेस क्लब द्वारा ऐसे सांस्कृतिक आयोजन के लिए सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने का महत्वपूर्ण कार्य कर रहे हैं।
प्रेस क्लब अध्यक्ष अजय राणा ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उत्तरांचल प्रेस क्लब सदैव सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों में अग्रणी भूमिका निभाता रहा है। लोक पर्वों के आयोजन का उद्देश्य अपनी परंपराओं को जीवित रखना और समाज में सकारात्मक संवाद को बढ़ावा देना है।
इस अवसर पर अति विशिष्ट अतिथि पुरोला विधायक दुर्गेश्वर लाल, विशिष्ट अतिथि उत्तराखंड जनजाति सलाहकार परिषद के उपाध्यक्ष गीताराम गौड़, सूचना एवं लोक संपर्क विभाग के संयुक्त निदेशक केएस चौहान, सीआईएमएस कॉलेज के चेयरमैन ललित जोशी के साथ ही प्रेस क्लब कोषाध्यक्ष मनीष डंगवाल, वरिष्ठ उपाध्यक्ष गजेन्द्र सिंह नेगी, कनिष्ठ उपाध्यक्ष सोबन सिंह गुसाईं, संयुक्त मंत्री मीना नेगी, शिवेश शर्मा, संप्रेक्षक विजय जोशी, कार्यकारिणी सदस्य मनमोहन लखेड़ा, मनबर सिंह रावत, हिमांशु जोशी, ओम प्रकाश जोशी, रश्मि खत्री, सुलोचना पयाल के साथ ही अनेक पत्रकार बंधु उपस्थित रहे।
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