कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या विवाद में कोर्ट ने पति पप्पू गिरधारी को बड़ा झटका दिया है. कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज की.
देहरादून (उत्तराखंड): इन दिनों प्रदेश की सियासत में महिला एवं बाल विकास कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या और उनके पति गिरधारी लाल साहू के बीच का पारिवारिक सुर्खियों में बना हुआ है. दोनों के विवाद ने प्रदेश में राजनीति माहौल गर्मा दिया है. वहीं कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या से जुड़े बहुचर्चित एससी-एसटी एक्ट मामले में आरोपी गिरधारी लाल साहू उर्फ पप्पू गिरधारी को बड़ा झटका लगा है. देहरादून की विशेष SC/ST अदालत ने गिरधारी लाल साहू की अग्रिम जमानत याचिका को खारिज कर दिया है.
गौर हो कि देहरादून की विशेष SC/ST अदालत ने सुनवाई के दौरान प्रथम दृष्टया माना कि मामले में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अधिनियम के तहत अपराध बनता हुआ प्रतीत हो रहा है, इसलिए अग्रिम जमानत देना उचित नहीं है. गिरधारी लाल साहू के खिलाफ शुक्रवार को देहरादून के कैंट थाने में उनकी पत्नी कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य की शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज की गई है. मामले में आपराधिक षड्यंत्र, धोखाधड़ी, जालसाजी, प्रताड़ना और एससी-एसटी एक्ट के तहत आरोप लगाए गए हैं.
सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने दलील दी कि दोनों की शादी को 22 साल हो चुके हैं और उनके बीच का विवाद घरेलू व आर्थिक प्रकृति का है. अधिवक्ताओं ने कहा कि कथित जातिसूचक टिप्पणी निजी बंद कमरे में की गई थी, जहां आम जनता की मौजूदगी नहीं थी. वहीं, राज्य सरकार की ओर से विशेष लोक अभियोजक गोविंद सिंह ने याचिका का विरोध किया. उन्होंने अदालत में दलील दी कि मंत्री के सरकारी आवास पर कर्मचारियों के सामने कथित तौर पर जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किया गया था.
अदालत ने कहा कि निजी परिसर में भी अन्य लोगों की मौजूदगी में अपमान किए जाने की स्थिति में वह स्थान ‘पब्लिक व्यू’ के दायरे में आ सकता है. कर्मचारियों की मौजूदगी और घटना से जुड़े अन्य तथ्यों की जांच साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी. अदालत ने एससी-एसटी एक्ट के तहत अग्रिम जमानत पर लागू कानूनी प्रतिबंधों को ध्यान में रखते हुए गिरधारी लाल साहू की याचिका खारिज कर दी. वहीं कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने पति गिरधारी लाल साहू पर मारपीट, उत्पीड़न, दूसरी शादी छिपाने से लेकर जान से मारने की प्लानिंग का कथित आरोप लगाया है.
क्या है पूरा मामला: महिला एवं बाल विकास कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने अपने पति गिरधारी लाल साहू का एक कथित टिप्पणियों से जुड़ा ऑडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया था. उन्होंने पति गिरधारी लाल साहू पर धोखे से विवाह करने, दूसरी महिलाओं से अवैध संबंध रखने, मारपीट करने और जान से मारने की धमकी देने का गंभीर आरोप लगाए हैं. जिसको लेकर थाना कैंट में पति के खिलाफ शिकायत की. वहीं शिकायत के आधार पर पति गिरधारी लाल साहू के खिलाफ थाना कैंट में मुकदमा दर्ज किया गया. जिसके बाद पुलिस ने मामले में जांच शुरू कर दी है.
बीते दिनों रेखा आर्या की ओर से गंभीर आरोप लगाए जाने और ऑडियो रिकॉर्डिंग को लेकर गिरधारी लाल साहू ने अपना पक्ष रखा है. गिरधारी लाल साहू ने कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या पर पलटवार कर सियासत बढ़ा दी. उन्होंने संबंधित ऑडियो को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से तैयार किया बताया. साथ ही उन्होंने खुद पर लग रहे आरोपों को निराधार बताया. पूरे मामले में उन्होंने सीएम पुष्कर सिंह धामी से पूरे मामले की जांच कराने की अपील की थी. गिरधारी लाल साहू ने पत्नी रेखा आर्या पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए संपत्ति की जांच की मांग भी की. बीते दिनों मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम एसआइटी ने कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या के बयान दर्ज कर संबंधित दस्तावेज जुटाए.


